सेवा में कोताही पड़ी महंगी: 1,611 रुपये के पेन पर कंपनी को देना होगा 7 हजार रुपये हर्जाना

सेवा में कोताही पड़ी महंगी: 1,611 रुपये के पेन पर कंपनी को देना होगा 7 हजार रुपये हर्जाना

Negligence in Service Proves Costly

Negligence in Service Proves Costly

चंडीगढ़: Negligence in Service Proves Costly: सेवा में लापरवाही की कीमत कई गुना अधिक चुकानी पड़ सकती है—यह बात जिला उपभोक्ता आयोग के एक फैसले से साफ हो गई है। 1,611 रुपये कीमत वाले पेन के मामले में आयोग ने बेंगलुरु स्थित कंपनी विलियम पेन प्राइवेट लिमिटेड को 7,000 रुपये हर्जाना अदा करने के निर्देश दिए हैं।
जिला उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को सेवा में लापरवाही का दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया। शिकायतकर्ता सेक्टर-16 निवासी सिमरनजीत सिंह सिद्धू ने फ्लिपकार्ट ऐप के माध्यम से कंपनी का एक पेन ऑर्डर किया था।

क्या थी शिकायत: गलत प्रोडक्ट की डिलीवरी

शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने 20 जून 2021 को कंपनी का ‘केरेन डी’ऐक 849 बॉल पेन’ ऑर्डर किया था, जिसकी कीमत 1,611 रुपये थी। ऑनलाइन दिखाए गए विवरण के अनुसार पेन की बॉडी पीले रंग की थी और उसका रिफिल काले रंग का था।
छह दिन बाद जब पेन उन्हें मिला और पैकिंग खोली गई, तो उसका रंग ऑर्डर किए गए पेन से अलग था। इसके बाद सिद्धू ने उसी दिन रिप्लेसमेंट के लिए आवेदन किया। 6 जुलाई 2021 को कंपनी ने उन्हें दूसरा पेन भेजा, लेकिन वह भी गलत रंग का ही निकला। इससे परेशान होकर उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।

कंपनी की दलीलें खारिज

कंपनी ने आयोग के समक्ष दलील दी कि उन्होंने दोनों बार उसी मॉडल का पेन भेजा है, जो ग्राहक ने ऑर्डर किया था। कंपनी का कहना था कि वेबसाइट पर दिखाई देने वाले रंग और वास्तविक उत्पाद के रंग में अंतर हो सकता है, इसलिए शिकायत को खारिज किया जाए।
हालांकि, आयोग ने कंपनी की इन दलीलों को खारिज करते हुए माना कि ग्राहक को बार-बार गलत उत्पाद भेजना सेवा में स्पष्ट लापरवाही है। आयोग ने कंपनी को शिकायतकर्ता के पक्ष में 7,000 रुपये हर्जाना अदा करने के आदेश दिए।